बिहार पुलिस ने राज्य में होने वाली कुछ भर्ती परीक्षाओं से पहले मंगलवार को पटना में एक परीक्षा माफिया को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक गुप्त सूचना के आधार पर, आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने पटना के गोला रोड से संजय कुमार प्रभात को गिरफ्तार किया।
आगामी परीक्षाओं के मद्देनजर, ईओयू ने पूरे बिहार में सक्रिय परीक्षा गिरोह को निशाना बनाते हुए एक अभियान शुरू किया है। चालक सिपाही भर्ती परीक्षा 10 दिसंबर को निर्धारित है, जिसके बाद 14 दिसंबर को बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा आयोजित प्रवर्तन उप निरीक्षक (परिवहन विभाग) परीक्षा होगी। बिहार पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रभात ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करके बड़ी रकम कमाने की बात स्वीकार की है।
राज्य भर के 15 जिलों में चालक सिपाही भर्ती के लिए कुल 315 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राजधानी पटना में ही 32 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें प्रशासन ने 17 जोन में विभाजित किया है।
परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी के लिए 40 स्टेटिक दंडाधिकारी, 17 जोनल दंडाधिकारी, 8 उड़नदस्ता दंडाधिकारी और 10 सुरक्षित दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।
इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी परीक्षा की निगरानी को और मजबूत बनाती है।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई कर धांधली की कोशिश को विफल कर दिया।
सोमवार देर रात पटना के गोला रोड इलाके में छापेमारी के दौरान EOU ने कुख्यात परीक्षा माफिया संजय कुमार प्रभात को गिरफ्तार किया।
संजय शेखपुरा जिले के शेखुपुर बाजार का रहने वाला है और 10 दिसंबर को होने वाली ड्राइवर-सिपाही परीक्षा तथा 14 दिसंबर को प्रस्तावित दरोगा बहाली परीक्षा में गड़बड़ी करने की साजिश रच रहा था।
संजय प्रभात अभ्यर्थियों को पास कराने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। उसकी योजना को भांपते हुए EOU ने उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद जब उसके मोबाइल की जांच की गई तो 72 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए। इनमें चालक सिपाही, दरोगा और रेलवे भर्ती परीक्षाओं के उम्मीदवार शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि संजय लंबे समय से विभिन्न परीक्षाओं में धांधली की योजना चला रहा था।








