संविधान दिवस पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय संविधान बनाने वालों को श्रद्धांजलि दी, उनके विज़न और नागरिक कर्तव्यों के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संविधान, ‘हमें अधिकार देता है। यह हमें यह भी याद दिलाता है कि नागरिक के तौर पर हमारे कुछ कर्तव्य हैं। हमें हमेशा उन कर्तव्यों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए’।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नागरिकों से अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया और कहा कि ये मजबूत लोकतंत्र की नींव हैं। संविधान दिवस पर नागरिकों को संबोधित पत्र में प्रधानमंत्री ने मताधिकार का प्रयोग करके लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया और सुझाव दिया कि स्कूल और कॉलेज 18 वर्ष की आयु पूरी करके पहली बार मतदाता बनने वालों का सम्मान करते हुए संविधान दिवस मनाएं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नागरिकों से अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया और कहा कि ये मजबूत लोकतंत्र की नींव हैं। संविधान दिवस पर नागरिकों को संबोधित पत्र में प्रधानमंत्री ने मताधिकार का प्रयोग करके लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया।पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के इस विचार को याद किया कि अधिकार कर्तव्यों के निर्वहन से ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कर्तव्यों का निर्वहन सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नीतियां और आज लिए गए निर्णय आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आकार देंगे। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए वे अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखें।
पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के इस विचार को याद किया कि अधिकार कर्तव्यों के निर्वहन से ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कर्तव्यों का निर्वहन सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नीतियां और आज लिए गए निर्णय आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आकार देंगे। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए वे अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखें।








